Sunday, December 19, 2010

मैं और मेरी auto

मैं और मेरी auto
अक्सर यह बातें करते हैं
"सालों के हमसफ़र हैं हम
सफ़र सुहाना यह साथ करते हैं"

एक धूलि शाम कियेह कहानी हैं
बारिश के बूंदों ने रहो पे चादर बिछाई
pothole ke झील बने
पर्दों के पीछे सच्चाई थी

auto का right tyre pothole में अटका
left tyre तोह बिचारा हवा में लटका
पचार हमे auto ke आँगन में
दिमाग घुमा, planets और तारे दिखे

मैं और मेरी auto
अक्सर यह बातें करते हैं
वही रास्ते, वही भागदौड़... और एक auto...नयी कहानी
हर सुबह शाम की अलग ही रवानी!





2 comments:

Arjun said...

Nice one! Do post more about your other experiences with autos! ;-)

Hajra said...

This is very hilarious!

Ambreen introduced me to your blog and I am totally liking it!

The 'Us' and the 'Me'

We found the 'Us' while we searched for the 'me', We love the 'Us', and continue to empower the 'me'...